गहरे मैनुअल कंट्रोल और Log/LUT, HDR टूल्स के साथ सिनेमैटिक वीडियो शूट करें
गहरे मैनुअल कंट्रोल और Log/LUT, HDR टूल्स के साथ सिनेमैटिक वीडियो शूट करें
वोट (4 वोट)
प्रोग्राम लाइसेंस Full
डेवलपर Chantal Pro SIA
संस्करण 043dd
के तहत काम करता है Android
वोट
(4 वोट)
डेवलपर
Chantal Pro SIA
के तहत काम करता है
Android
प्रोग्राम लाइसेंस
Full
संस्करण
043dd
mcpro24fps Android के लिए एक प्रोफेशनल मैनुअल वीडियो कैमरा ऐप है, जो फोन को ज्यादा नियंत्रण वाले “सिनेमा कैमरा” अनुभव के करीब ले जाने की कोशिश करता है। इसका फोकस साधारण रिकॉर्डिंग नहीं, बल्कि ऐसे टूल देना है जिनसे आप वीडियो के लुक, एक्सपोज़र, कलर और ऑडियो को बारीकी से नियंत्रित कर सकें।
यह ऐप उन लोगों के लिए ज्यादा उपयुक्त है जो छोटे प्रोडक्शन प्रोजेक्ट, म्यूजिक वीडियो, लाइव रिपोर्ट या कमर्शियल जैसे कामों के लिए एडवांस्ड मैनुअल कंट्रोल चाहते हैं, और सेटिंग्स सीखने में समय देने को तैयार हैं।
कंट्रोल-फर्स्ट कैमरा अनुभव
mcpro24fps का सबसे बड़ा आकर्षण इसका बहुत गहरा सेटिंग कंट्रोल है। ऑटोमैटिक मोड के साथ-साथ मैनुअल सेटिंग्स भी मिलती हैं, और एक बार आदत बनने पर यह “फोन कैमरा” की सीमाओं से बाहर जाकर ज्यादा प्रो-स्टाइल ऑप्शंस देता है। इंटरफेस को डेवलपर ने रिस्पॉन्सिव बताया है, और कुल मिलाकर यह ऐप ऐसे यूज़र्स को ध्यान में रखकर बनाया गया लगता है जो हर शॉट को जानबूझकर सेट करना पसंद करते हैं।
लॉग, LUT और HDR: कलर वर्कफ़्लो पर जोर
अगर आपकी प्राथमिकता पोस्ट-प्रोडक्शन में कलर ग्रेडिंग है, तो यहां ऐप का प्रो टूलकिट सामने आता है। डेवलपर के अनुसार कई डिवाइसेज़ पर 10-bit रिकॉर्डिंग सपोर्ट, HLG / HDR10 HDR वीडियो, और Log में रिकॉर्डिंग जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। साथ ही अलग-अलग परिस्थितियों के लिए कई Log मोड, टेक्निकल LUTs और ऑन-स्क्रीन LUT जैसे विकल्प भी दिए गए हैं, जो शूट करते समय ही फ्रेम का अनुमानित लुक देखने में मदद कर सकते हैं।
एक्सपोज़र, फोकस और फ्रेम की निगरानी
फ्रेम कंट्रोल के लिए इसमें Focus Peaking, Expo Peaking, Zebra और Spectral जैसे टूल मिलते हैं, जो एक्सपोज़र और फोकस जज करने में काम आते हैं। व्हाइट बैलेंस केल्विन्स में सेट करने का विकल्प भी मौजूद है। फोकस के लिए ऑटो (कंटीन्यूअस), टच पर ऑटो और मैनुअल फोकस मोड दिए गए हैं। ऐप में प्रोग्रामेबल फोकस और ज़ूम का उल्लेख भी है, साथ ही क्रॉप-ज़ूम के अलग मोड और डिस्टॉर्शन करेक्शन जैसी सेटिंग्स भी मिलती हैं।
कोडेक, रेज़ोल्यूशन और बिटरेट की आज़ादी
वीडियो रिकॉर्डिंग के लिए AVC (h264) और HEVC (h265) का सपोर्ट दिया गया है। फ्रेम रेट में 24 fps, 25 fps, 30 fps, 60 fps जैसे विकल्पों का उल्लेख है, और रेज़ोल्यूशन सपोर्ट कैमरा2 API में डिवाइस द्वारा बताए गए विकल्पों पर निर्भर करता है। डेवलपर के अनुसार 500 Mb/s तक रिकॉर्डिंग, वेरिएबल बिटरेट और एक एक्सपेरिमेंटल कॉन्स्टेंट बिटरेट मोड भी उपलब्ध हो सकता है, हालांकि ये सब डिवाइस सपोर्ट पर टिका है।
ऑडियो पर भी प्रो-लेवल ध्यान
यह ऐप केवल वीडियो तक सीमित नहीं रहता। डेवलपर के अनुसार इसमें अलग-अलग साउंड सोर्स, अलग सैंपलिंग रेट, और AAC (निर्दिष्ट बिटरेट तक) व WAV रिकॉर्डिंग/इंटीग्रेशन जैसे विकल्प हैं। “सबसे फ्लेक्सिबल काम विद साउंड” जैसा दावा भी किया गया है, जो इंटरव्यू, लाइव रिपोर्ट या कंट्रोल्ड शूट में काम आ सकता है।
डिवाइस संगतता और कुछ व्यवहारिक सीमाएँ
mcpro24fps में कई फीचर “डिवाइस की तकनीकी क्षमताओं” पर निर्भर बताए गए हैं, और सही काम करने के लिए Camera2 API (Limited या उससे ऊपर) की आवश्यकता का उल्लेख है। इसलिए एक ही फीचर हर फोन पर एक जैसा चले, यह तय नहीं है। डेवलपर ने खरीद से पहले डेमो ऐप से फीचर कम्पैटिबिलिटी जांचने का विकल्प भी बताया है।
यूज़र अनुभव के आधार पर कुछ सीमाएँ भी सामने आती हैं, जैसे शटर प्रायोरिटी जैसा विकल्प अपेक्षा के मुताबिक न मिलना, और कुछ डिवाइसेज़ पर लेंस स्विच (टेलीफोटो से नॉर्मल या अल्ट्रा वाइड) के बाद ऐप का रुक जाना।
सीखने की कर्व और कीमत
यह ऐप “सीखकर इस्तेमाल करने” वाला टूल है। सेटिंग्स बहुत हैं, इसलिए शुरुआत में समय लग सकता है, लेकिन समझ आने के बाद यह कंट्रोल के मामले में काफी ताकतवर साबित हो सकता है। कीमत को लेकर अनुभव मिश्रित है, कुछ यूज़र्स के अनुसार यह महंगा लग सकता है, हालांकि फीचर सेट के कारण इसे अच्छा कैमरा ऐप भी माना गया है।
फायदे
- बहुत विस्तृत मैनुअल कंट्रोल, प्रो-शूटिंग जरूरतों के लिए उपयुक्त
- Log, LUT (टेक्निकल और ऑन-स्क्रीन), 10-bit और HLG/HDR10 जैसी कलर-केंद्रित सुविधाओं का सपोर्ट (डिवाइस पर निर्भर)
- Focus/Expo Peaking, Zebra, Spectral जैसे मॉनिटरिंग टूल
- AVC/HEVC, कई फ्रेम रेट और डिवाइस-निर्भर रेज़ोल्यूशन सपोर्ट
- ऑडियो विकल्प, AAC और WAV तथा WAV को MP4 में इंटीग्रेट करने की क्षमता
कमियां
- शुरुआत में सीखने में समय लग सकता है, सेटिंग्स बहुत ज्यादा हैं
- कुछ मामलों में शटर प्रायोरिटी जैसा अपेक्षित मोड उपलब्ध न लगना
- कुछ डिवाइसेज़ पर लेंस स्विच के बाद ऐप के काम न करने जैसी समस्या
- फीचर उपलब्धता डिवाइस और Camera2 API सपोर्ट पर काफी निर्भर
- कुछ यूज़र्स के अनुसार कीमत ज्यादा महसूस हो सकती है